​जो सबका मित्र होता है, वो किसी का दोस्त नहीं होता: अरस्तू के विचार की गहराई

​जो सबका मित्र होता है, वो किसी का दोस्त नहीं होता: अरस्तू के विचार की गहराई

प्रस्तावना: रिश्तों के बाज़ार में दोस्ती की खोज ​आज के दौर में हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहाँ 'फ्रेंड' शब्द का अर्थ काफी बदल गया है। फेसबुक…