
SBI किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): किसानों के लिए खेती की राह हुई आसान
भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में किसान रीढ़ की हड्डी हैं। खेती में बीज से लेकर खाद तक के खर्चों के लिए सही समय पर पूंजी का होना जरूरी है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा देता है।-SBI किसान क्रेडिट कार्ड 2026
आइए जानते हैं कि कैसे आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अपनी खेती को समृद्ध बना सकते हैं।
1. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) क्या है?
KCC एक रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है। सरल शब्दों में कहें तो, बैंक आपको एक ‘लोन लिमिट’ देता है। आप अपनी जरूरत के अनुसार पैसे निकालते हैं और केवल उतनी ही राशि पर ब्याज देते हैं जितनी आपने इस्तेमाल की है।
कृषि ऋण के दो मुख्य प्रकार:
| प्रकार | अवधि | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|
| अल्पकालिक (Short Term) | 6-12 महीने | गेहूं, धान जैसी फसलों के बीज, खाद और कीटनाशक के लिए। |
| दीर्घकालिक (Long Term) | 1 वर्ष से अधिक | ट्रैक्टर, डेयरी, बागवानी या पंप सेट जैसे निवेश के लिए। |
2. SBI आपकी KCC लिमिट कैसे तय करता है?
बैंक आपकी लिमिट तय करते समय निम्नलिखित ‘मैथ्स’ का उपयोग करता है:
- भूमि का क्षेत्रफल: आपके पास कितने हेक्टेयर जमीन है।
- फसल का प्रकार: आप कौन सी फसल (नगदी या सामान्य) उगा रहे हैं।
- CIBIL स्कोर: आपका पिछला लोन रिकॉर्ड कैसा है।
- स्केल ऑफ फाइनेंस (SoF): जिले के अनुसार निर्धारित फसल लागत।
3. पात्रता और वर्गीकरण (Eligibility)
KCC के लिए आपका ‘किसान’ होना और सक्रिय रूप से खेती करना अनिवार्य है।
जोत के आधार पर वर्गीकरण:
- सीमांत किसान: 1 हेक्टेयर से कम भूमि।
- लघु किसान: 1 से 2 हेक्टेयर भूमि।
- अन्य किसान: 2 हेक्टेयर से अधिक भूमि।
4. आवश्यक दस्तावेज (Checklist)
- पहचान: आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी।
- भूमि दस्तावेज: खतौनी/खसरा, जमाबंदी और भूमि का नक्शा।
- बैंक विवरण: पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट।
- फोटो: हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो।
5. आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
- शाखा का चयन: अपने नजदीकी SBI या किसी भी सरकारी बैंक में जाएं।
- फॉर्म भरना: KCC आवेदन फॉर्म में अपनी फसल और जमीन का सटीक विवरण दें।
- दस्तावेज जमा: ऊपर बताए गए सभी पेपर अटैच करें।
- सत्यापन (Verification): बैंक अधिकारी आपकी जमीन का निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच करेंगे।
- कार्ड जारी होना: मंजूरी मिलने के बाद आपको KCC कार्ड और पासबुक मिल जाएगी।
6. ‘उलटा-फाल्टी’ (रिन्यूअल) क्या है?
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित यह शब्द वास्तव में Annual Review है।
- साल के अंत में आपको उपयोग की गई राशि और ब्याज जमा करना होता है।
- जमा करने के तुरंत बाद बैंक आपकी लिमिट फिर से खोल देता है।
- समय पर भुगतान करने से आपकी लिमिट हर साल 10% तक बढ़ सकती है।
7. KCC के शानदार फायदे
- कम ब्याज दर: प्रभावी ब्याज दर अक्सर 4% (समय पर भुगतान और सब्सिडी के बाद) तक आ जाती है।
- बीमा सुरक्षा: KCC के साथ अक्सर व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और फसल बीमा की सुविधा जुड़ी होती है।
- ATM की सुविधा: आप KCC कार्ड से ATM के जरिए कहीं भी पैसे निकाल सकते हैं।
https://sbi.bank.in/web/agri-rural/agriculture-banking/crop-loan/kisan-credit-card
निष्कर्ष
SBI किसान क्रेडिट कार्ड केवल एक कर्ज नहीं, बल्कि किसानों का एक वित्तीय सुरक्षा कवच है। यह आपको साहूकारों के ऊंचे ब्याज के चंगुल से बचाता है। यदि आपके पास जमीन है, तो आज ही अपनी नजदीकी शाखा में जाकर इसका लाभ उठाएं।
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