जब हम नदियों के बारे में सोचते हैं, तो सामान्यतः उनका प्रवाह ऊँचाई से समुद्र की ओर होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पृथ्वी पर कुछ नदियाँ ऐसी भी हैं जो उलटी दिशा में बहती हैं? यह भूगर्भीय बदलाव, ज्वारीय बल, भूकंप या समुद्र तल में परिवर्तन के कारण होता है।
अमेज़न से लेकर शिकागो नदी तक, इन नदियों की दिशा परिवर्तन की अपनी अनोखी कहानियाँ हैं। ये नदियाँ प्रकृति के सामान्य नियमों को तोड़ती हैं और वैज्ञानिकों के लिए सदियों से रहस्य बनी हुई हैं

जो नदियाँ उल्टी दिशा में बहती हैं, वे सामान्य प्रवाह के विपरीत जाती हैं। ऐसा भूगर्भीय परिवर्तनों, ज्वारीय बलों, भूकंपों या समुद्र तल में बदलाव जैसी वजहों से होता है। इस दस्तावेज़ में ऐसी नदियों का उल्लेख है, जिनमें अमेज़न और शिकागो नदी भी शामिल हैं, जिनकी दिशा उलटने की अपनी अनोखी कहानी है। ये घटनाएँ पृथ्वी की गतिशील और अप्रत्याशित प्रकृति को दर्शाती हैं, यह दिखाती हैं कि प्राकृतिक शक्तियाँ और मानव इंजीनियरिंग कैसे नदी के प्रवाह को बदल सकती हैं। इससे हमें भौगोलिक और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं के बारे में रोचक जानकारी मिलती है।

इन नदियों पर न तो मौसम, न ही ऋतु का कोई प्रभाव पड़ता है।
नदियाँ जो उलटी दिशा में बहती हैं-
अमेज़न नदी — दक्षिण अमेरिका
एक समय था जब अमेज़न नदी पश्चिम दिशा में बहती थी, लेकिन लगभग 1 करोड़ (10 मिलियन) वर्ष पहले एंडीज़ पर्वत श्रृंखला के उठने के कारण इस नदी की दिशा उलट गई और यह अटलांटिक महासागर की ओर बहने लगी।
शिकागो नदी (संयुक्त राज्य अमेरिका)
शिकागो नदी मानव निर्मित नदी है जो जानबूझकर उलटी दिशा में बहती है। वर्ष 1900 में इंजीनियरों ने इस नदी का प्रवाह उलट दिया, ताकि शहर का गंदा पानी लेक मिशिगन (जो पीने के पानी का मुख्य स्रोत था) में न जाए।
इसके लिए नहरें और लॉक सिस्टम बनाए गए, जिससे नदी का प्रवाह मिसिसिपी बेसिन की ओर मोड़ दिया गया। यह एक ऐतिहासिक पर्यावरणीय समाधान था और अमेरिकी इंजीनियरिंग के सबसे बड़े कारनामों में से एक माना जाता है।
मिसिसिपी नदी (संयुक्त राज्य अमेरिका)
मिसिसिपी नदी ने कई बार उलटी दिशा में बहाव दिखाया है, जैसे 1812 के न्यू मैड्रिड भूकंप और हुरिकेन कैटरीना के दौरान। तीव्र भूकंपीय गतिविधियों और तूफ़ानों के कारण यह नदी कुछ समय के लिए उलटी दिशा में बहने लगी।
हालाँकि ये पल थोड़े समय के थे, लेकिन इन्होंने दिखाया कि प्रकृति की शक्ति इतनी प्रबल है कि दुनिया की सबसे बड़ी नदियाँ भी अपनी दिशा बदल सकती हैं।
इन नदियों के अलावा दुनिया में कुछ अन्य नदियाँ भी हैं जो कभी-कभी उलटी दिशा में प्रवाहित होती हैं। इनमें प्रमुख हैं — फ्रेज़र नदी (कनाडा), टोनले साप नदी (कंबोडिया) और हंबर नदी (इंग्लैंड) आदि।
फ्रेज़र नदी (कनाडा) –
यह नदी कभी-कभी अपने मुहाने के पास ज्वारीय बलों (tidal forces) के कारण उलटी दिशा में बहने लगती है। समुद्र में ज्वार आने पर पानी का दबाव नदी की धारा को कुछ समय के लिए पीछे की ओर धकेल देता है।
टोनले साप नदी (कंबोडिया) – यह नदी दुनिया की सबसे अद्वितीय नदियों में से एक है। वर्षा ऋतु में जब मेकांग नदी में जलस्तर बढ़ जाता है, तो टोनले साप नदी का प्रवाह उलट जाता है और यह पानी को झील की ओर ले जाती है। शुष्क मौसम में यह फिर से अपनी मूल दिशा में बहने लगती है।
हंबर नदी (इंग्लैंड) –
यह नदी उत्तर सागर (North Sea) से आने वाली तेज़ ज्वारीय लहरों के कारण कभी-कभी अपनी दिशा बदल देती है। ज्वार के समय समुद्री लहरें नदी के प्रवाह को विपरीत दिशा में धकेल देती हैं।
इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि प्रकृति स्थिर नहीं है, बल्कि निरंतर परिवर्तनशील है। चाहे ज्वार-भाटा हो, वर्षा या भूगर्भीय हलचल — ये सभी शक्तियाँ नदियों की दिशा तक बदल सकती हैं।
