
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रविवार के दिन देश का केंद्रीय बजट पेश किया। यह मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट और वित्त मंत्री का लगातार 9वां बजट भाषण था।
”विकसित भारत 2047″ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, MSME, डिजिटल इनोवेशन (AI), और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। आइए, बजट 2026 की प्रमुख घोषणाओं और उनके प्रभावों को विस्तार से समझते हैं।
बजट 2026: एक नज़र में (मुख्य सांख्यिकी)
बजट 2026 का कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को गति देने के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश की है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल बजट आकार | ₹53.5 लाख करोड़ |
| पूंजीगत व्यय (Capex) | ₹12.2 लाख करोड़ (GDP का 3.1%) |
| राजकोषीय घाटा लक्ष्य | FY27 के लिए 4.3% |
| वास्तविक GDP वृद्धि | ~7% (अनुमानित) |
आयकर और टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदला?
मध्यम वर्ग के लिए इस बार टैक्स दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन ‘आयकर अधिनियम 2025’ के रूप में एक नई प्रत्यक्ष कर संहिता (Direct Tax Code) की घोषणा की गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
नए टैक्स स्लैब (FY 2025-26 के लिए लागू)
नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत स्लैब इस प्रकार हैं:
- ₹0 – ₹4 लाख: शून्य (0%)
- ₹4 – ₹8 लाख: 5%
- ₹8 – ₹12 लाख: 10%
- ₹12 – ₹16 लाख: 15%
- ₹16 – ₹20 लाख: 20%
- ₹20 – ₹24 लाख: 25%
- ₹24 लाख से ऊपर: 30%
टैक्सपेयर्स के लिए अन्य राहतें:
- ITR डेडलाइन: ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है।
- संशोधित ITR: अब संशोधित रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।
- विदेशी यात्रा: विदेश यात्रा पैकेज पर लगने वाले TCS को घटाकर 2% करने का प्रस्ताव है।
- बीमा क्लेम: मोटर एक्सीडेंट क्लेम के ब्याज पर लगने वाले TDS को खत्म कर दिया गया है।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: ‘रफ्तार’ पर ज़ोर
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और रोजगार पैदा करना है।
- 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बैंगलोर जैसे 7 मार्गों पर हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है।
- टियर-2 और टियर-3 शहर: 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष फंड।
- ग्रीन मोबिलिटी: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी और सोलर पैनल के आयात शुल्क में कटौती की गई है ताकि वे सस्ते हो सकें।
3. MSME और स्टार्टअप: ‘चैंपियन’ बनाने की तैयारी
छोटे उद्योगों को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए, वित्त मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:
- MSME ग्रोथ फंड: भविष्य के वैश्विक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड।
- कॉरपोरेट मित्र योजना: MSMEs के लिए अनुपालन (Compliance) बोझ को कम करने के लिए इस योजना की शुरुआत।
- सेमीकंडक्टर मिशन: भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन के लिए ₹40,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
4. कृषि और ग्रामीण विकास: ‘लखपति दीदी’ और ‘ग्राम स्वराज’
- महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल: खादी और हथकरघा क्षेत्र को आधुनिक बनाने और ग्रामीण कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए यह पहल शुरू की गई है।
- लखपति दीदी योजना: इस योजना को विस्तार दिया गया है ताकि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘बिजनेस वीमेन’ में बदला जा सके। इसके लिए SHE (Self Help Entrepreneur) Marts स्थापित किए जाएंगे।
- बायो-फार्मा शक्ति: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन।
5. शिक्षा और युवा: AI और कौशल विकास
बजट 2026 को “युवा शक्ति संचालित” बजट कहा गया है।
- AI इंफ्रास्ट्रक्चर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास के लिए हजारों करोड़ के निवेश का प्रस्ताव।
- बालिका छात्रावास: देश के हर जिले में एक सरकारी बालिका छात्रावास (Girls’ Hostel) स्थापित करने का लक्ष्य।
- स्किलिंग: 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा।
6. क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
बजट के बाद कुछ वस्तुओं की कीमतों में बदलाव होने वाला है:
| सस्ता (Cheaper) | महंगा (Costlier) |
|---|---|
| सोलर उत्पाद और उपकरण | शराब (Alcohol) |
| कैंसर और डायबिटीज की दवाएं | स्क्रैप (Scrap) |
| EV बैटरी और जूते-चप्पल | कुछ आयातित खनिज (Minerals) |
| स्मार्टफोन और एयरक्राफ्ट पार्ट्स | शेयर मार्केट ट्रेडिंग (F&O पर STT बढ़ा) |
विशेष नोट: शेयर बाजार के डेरिवेटिव सेगमेंट (F&O) में ट्रेड करने वालों के लिए बुरी खबर है। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर STT (Securities Transaction Tax) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
निष्कर्ष: बजट 2026 का भविष्य पर प्रभाव
कुल मिलाकर, बजट 2026 भविष्योन्मुखी है। यह न केवल वर्तमान आर्थिक स्थिरता पर ध्यान देता है, बल्कि सेमीकंडक्टर, AI, और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने का रोडमैप भी पेश करता है। हालाँकि, मध्यम वर्ग को आयकर दरों में सीधी कटौती की जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई है, लेकिन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और महंगाई पर नियंत्रण से राहत मिलने की उम्मीद है।
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