
बजट 2026: क्या यह वाकई किसान और मध्यम वर्ग के लिए ‘गेम चेंजर’ है?
हर साल जब वित्त मंत्री संसद में बजट का ब्रीफकेस (या अब डिजिटल टैबलेट) लेकर खड़ी होती हैं, तो पूरे देश की नजरें दो ही वर्गों पर टिकी होती हैं—अन्नदाता (किसान) और देश की रीढ़ (मध्यम वर्ग)।
बजट 2026 की घोषणाएं अब हमारे सामने हैं। इस बार का बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि एक विजन नजर आता है जो ‘आय बढ़ाओ और खर्च घटाओ’ के मंत्र पर आधारित है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बजट की पोटली में आपके लिए क्या खास है।
1. किसानों के लिए ‘समृद्धि का मार्ग’
भारत एक कृषि प्रधान देश है, और बजट 2026 में किसानों को केवल सब्सिडी देने के बजाय उन्हें ‘आत्मनिर्भर’ बनाने पर जोर दिया गया है।
(क) खेती की लागत में कमी और नई तकनीक
अक्सर किसानों की शिकायत होती है कि खाद और बीज के दाम बढ़ने से मुनाफा कम हो जाता है। इस बजट में:
- उन्नत बीज: जलवायु परिवर्तन को झेलने वाले बीजों के लिए विशेष फंड।
- प्राकृतिक खेती: रसायनों पर निर्भरता कम करने के लिए जैविक खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन।
- सिंचाई: ‘हर खेत को पानी’ योजना के तहत माइक्रो-इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) पर भारी निवेश।
(ख) डिजिटल एग्रीकल्चर: अब फोन पर होगी खेती
सरकार ने ‘Agri-Stack’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया है। अब किसान अपने मोबाइल के जरिए जान सकेंगे कि उनकी मिट्टी के लिए कौन सी फसल सही है और मंडी में आज का भाव क्या है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और सीधा लाभ किसान को मिलेगा।
2. मध्यम वर्ग (Middle Class): टैक्स और सुकून की तलाश
मध्यम वर्ग हमेशा से राहत की उम्मीद करता है। बजट 2026 ने इस वर्ग को कुछ बड़ी खुशियां देने की कोशिश की है।
(क) टैक्स स्लैब में बदलाव और बचत
इस बार के बजट में Income Tax स्लैब को अधिक तर्कसंगत बनाया गया है।
- स्टैंडर्ड डिडक्शन: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाई गई है, जिससे हाथ में आने वाली सैलरी (Take-home salary) में बढ़ोतरी होगी।
- सरल प्रक्रिया: टैक्स फाइलिंग को इतना आसान बनाने का लक्ष्य है कि आपको किसी जटिल कागजी कार्रवाई की जरूरत न पड़े।
(ख) महंगाई पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
आम आदमी का बजट रसोई से तय होता है। बजट 2026 में सप्लाई चेन को सुधारने के लिए वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज का जाल बिछाने की घोषणा की गई है, ताकि फल-सब्जियों के दाम स्थिर रहें।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की तैयारी
मध्यम वर्ग की कमाई का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई और अस्पताल के खर्च में चला जाता है। बजट में इसके लिए भी प्रावधान हैं:
- स्किल इंडिया 2.0: केवल डिग्री नहीं, बल्कि बाजार की जरूरत के हिसाब से कोडिंग, एआई (AI) और डिजिटल मार्केटिंग जैसे स्किल्स पर जोर।
- हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर: टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का निर्माण।
4. रोजगार: नौकरी और स्वरोजगार के नए अवसर
बजट 2026 में MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए लोन प्रक्रिया को और आसान बनाया गया है।
- अगर आप अपना छोटा स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो ‘मुद्रा योजना’ के तहत मिलने वाली राशि और क्रेडिट गारंटी में इजाफा किया गया है।
- इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि युवा ‘Job Seeker’ के बजाय ‘Job Provider’ बनेंगे।
निष्कर्ष: उम्मीदें और हकीकत
बजट 2026 कागजों पर तो बहुत मजबूत और दूरदर्शी नजर आता है। यह किसानों को तकनीक से जोड़ रहा है और मध्यम वर्ग को टैक्स व महंगाई से राहत देने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ये योजनाएं ‘ग्राउंड जीरो’ पर कितनी तेजी से लागू होती हैं।
यदि सही ढंग से क्रियान्वयन हुआ, तो यह बजट वाकई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
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